
एक चमत्कार हुआ...
चमकता मोती मिला...
जिससे हाथों का हार हुआ।
बंदिसे बन गयी है...
कठिनाइओं की लकीरों से,
हाय! ये क्या हुआ मोती का रंग,
फीका क्यों पड़ने लगा है ?
यह मेरे देखने का दोष है या कुछ और...
चमक बरक़रार है, ये तो प्यार है...
हाँ ! ये मोती की चमक है जिससे,
मुझको प्यार है।
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