Friday, December 23, 2011

पंछी की पीड़ा

एक पंछी आसमान में उड़ना चाहती है,
अपनी तमाम इच्छाओ से मिलना चाहती है,
किससे करे जाहिर अपने दिल की बातों को,
कौन सुनेगा उसकी वह कहना चाहती है,
एक पंछी आसमान में उड़ना चाहती है.

पिंजड़े के अन्दर इच्छाओ से बातें करना,
अपने आंसू खुद को ही पोछना,
सारे एसो आराम उस पर लुटाई जा रही है,
फिर भी अपने दिल की बातों को कहना चाहती है,
एक पंछी आसमान में उड़ना चाहती है.

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