Wednesday, December 14, 2011

जहन

आज बरसो के बाद तेरी याद चली आई है दिल में,
आँखों में अश्को के समंदर बहाया है,
जो बची थी दिल में तेरी याद उसे भी जगाया है,
आज बरसो के बाद तेरी याद चली आई है दिल में

होकर होना था तो मेरी बनी होती तुम,
यु वक्त बेवक्त तेरी याद क्यूँ आई है,
जो बची थी दिल में तेरी याद उसे भी जगाया है,
आज बरसो के बाद तेरी याद चली आई है दिल में

इन्तेजार तो मैंने बहुत किया इस्केमंजर पर
ना आई तू न तेरी याद आई है,
जो दफ़न हो गयी थी दिल में तेरी याद उसे भी जगाया है,
आज बरसो के बाद तेरी याद चली आई है दिल में,

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