नशे में डुब जाने को जी करता है,
उसे अपना बनाने को जी करता है,
गुलाब की तरह हंसती है वो,
बस उस गुलाब को पाने को जी करता है,
नशे में डुब जाने को जी करता है.
जब भी देखता हूँ हमें होश नही रहता
उसकी चाल की क्या तारीफ करूँ
बस अपने दिल में बसाने को जी करता है.
उसे अपना बनाने को जी करता है.
हाय ये बिंदिया, ये झुमका ये पायल की झंकार,
हमें मार डाले जीते जी मेरे यार,
बस उसकी आंखो में डुब जाने को जी करता है,
उसे अपना बनाने को जी करता है.
ये मेरे ख्वाब बस इतना ही दिखा,
दिल को बस इतना ही बहला,
इस सपनो में खो जाने को जी करता है
उसे अपना बनाने को जी करता है,
नशे में डूब जाने को जी करता है.
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